देशभक्ति शायरी | Veero Ke Khun Se Mili Hai Azadi02:49

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Published on January 20, 2018

देशभक्ति शायरी | Veero Ke Khun Se Mili Hai Azadi

Aye Mere Pyare Vatan Lyrics In Hindi Kabuliwala (1961)

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन
तुझपे दिल क़ुरबान
तू ही मेरी आरज़ू, तू ही मेरी आबरू
तू ही मेरी जान

तेरे दामन से जो आए उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस ज़ुबाँ को जिसपे आए तेरा नाम
सबसे प्यारी सुबह तेरी, सबसे रंगीं तेरी शाम
तुझपे दिल…

माँ का दिल बन के कभी सीने से लग जाता है तू
और कभी नन्हीं सी बेटी बन के याद आता है तू
जितना याद आता है मुझको
उतना तड़पाता है तू
तुझपे दिल…

छोड़ कर तेरी ज़मीं को दूर आ पहुंचे हैं हम
फिर भी है ये ही तमन्ना तेरे ज़र्रों की क़सम
हम जहाँ पैदा हुए
उस जगह ही निकले दम
तुझपे दिल…

ये देश है वीर जवानों का अलबेलों का मस्तानों का
ओ …ओ …
ये देश है वीर जवानों का
अलबेलों का मस्तानों का
इस देश का यारों … होय!!
इस देश का यारों क्या कहना
ये देश है दुनिया का गहना

ओ… ओ…
यहाँ चौड़ी छाती वीरों की
यहाँ भोली शक्लें हीरों की
यहाँ गाते हैं राँझे … होय!!
यहाँ गाते हैं राँझे मस्ती में
मस्ती में झूमें बस्ती में

ओ… ओ…
पेड़ों में बहारें झूलों की
राहों में कतारें फूलों की
यहाँ हँसता है सावन … होय!!
यहाँ हँसता है सावन बालों में
खिलती हैं कलियाँ गालों में

ओ… ओ…
कहीं दंगल शोख जवानों के
कहीं कर्तब तीर कमानों के
यहाँ नित नित मेले … होय!!
यहाँ नित नित मेले सजते हैं
नित ढोल और ताशे बजते हैं

ओ… ओ…
दिलबर के लिये दिलदार हैं हम
दुश्मन के लिये तलवार हैं हम
मैदां में अगर हम … होय!!
मैदां में अगर हम दट जाएं
मुश्किल है के पीछे हट जाएं

हुर्र हे !! हा!!
हुर्र हे !! हा!!
हुर्र हे !! हा!
अड़िपा! अड़िपा! अड़िपा!

 

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