Aap Ki Yaad Aaye Tu Dil Kya Kare | Shayari Dosti Love Sad02:28

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Published on January 1, 2018

Title:

Aap Ki Yaad Aaye Tu Dil Kya Kare | Shayari Dosti Love Sad

Lyrics:

टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल

किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल,
कोई रहता भी नहीं और कमबख्त बिकता भी नहीं

फिर एक नयी सुबह,
फिर एक नया दिन,
फिर एक नया साल।
और फिर
मैं और तुम,
बहके से,
हमेशा की तरह,
पुरानी शराब से।

वह जो न आने वाला है न, उससे मुझको मत़लब था..
आने वालों से किया मत़लब, आते हैं, आते होंगे….

यहाँ हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है…
दरवाजे खोल दो, कोई पूछने भी नहीं आएगा.

जो भी गुल है यहाँ फ़िरदौस बना बैठा है۔۔
कौन खिलता है यहाँ गुंचा-ए-इस्याँ की तरह۔۔۔۔

लोग हर मोड़ पे रुक-रुक के संभलते क्यों हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं

मैं न जुगनू हूँ, दिया हूँ न कोई तारा हूँ
रोशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं

मोड़ होता है जवानी का संभलने के लिए
और सब लोग यहीं आके फिसलते क्यों हैं

  • तुमसे मिलकर जाने किस गुमान में हूँ मैं…
    तुमसे मिलकर जाने किस गुमान में हूँ मैं…
    देखो भूल गया सब पते-ठिकाने… आसमान में हूँ मैं…
  • मेरी आँखों से आसूँ भले ही ना निकले हो पर ये दिल आज भी तेरे लिए रोता है …
    लाखों दिल भी मिल कर उतना प्यार नहीं कर सकते जितना ये अकेला दिल तुमसे करता है..
  • शौंक नहीं है मुझे अपने जज़्बातों को यूँ सरेआम लिखने का …
    मगर क्या करूँ , अब जरिया ही ये है तुझसे बात करने का
  • सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा , सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा ,
    जाने क्या बात थी उसमें और मुझ में ,सारी महफ़िल भूल गए बस वही एक चेहरा याद रहा
  • साथ ना रहने से रिश्ते टूटा नहीं करते ,
    वक़्त की धुंध से लम्हे टूटा नहीं करते ,
    लोग कहते हैं कि मेरा सपना टूट गया,
    टूटी नींद है , सपने टूटा नहीं करते
  • जब भी जख्म तेरे यादों के भरने लगते है,
    किसी बहाने हम तुम्हे याद करने लगते हैहर अजनबी चेहरा पहचाना दिखाई देता है
    जब भी हम तेरी गली से गुजरने लगते है

    जिस रात को चाँद से तेरी बातें की हमने
    सुबह की आँख मे आँसू उभरने लगते है

    जिसने भर दिया दामन को बेरंग फूलों से
    उनके एक दर्द पर हम क्यों तड़पने लगते है

    दिल के दरवाजे पर कोई दस्तक नही होती
    तेरा जिक्र’ होते ही दरो दीवार महकने लगते है

    मिटा दे हर ख्याल जेहन की किताब से लेकिन
    इबारत पे उनका नाम देखकर सिसकने लगते है

  • जो तू साथ न छोड़े ता-उम्र मेरा ए मेहबूब
    मौत के फ़रिश्ते को भी इनकार न कर दूं तो कहना
    इतनी कशिश है मेरी मुहब्बत की तासीर में
    दूर हो के भी तुझ पे असर न कर दूं तो कहना !
  • मेरी नजरों की तरफ देख जमानें पे न जा ,
    इक नजर फेर ले, जीने की इजाजत दे दे,
    रुठ ने वाले वो पहली सी मोहब्बत दे दे ,
    इश्क मासुम है, इल्जाम लगाने पे न जा….

ये आँखें हैं जो तुम्हारी , किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं…. कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए…!!

अकेले हम बूँद हैं, मिल जाएं तो सागर हैं
अकेले हम धागा हैं, मिल जाएं तो चादर हैं
अकेले हम कागज हैं, मिल जाए तो किताब हैं।

प्यार कहो तो दो ढाई लफज़, मानो तो बन्दगी ,
सोचो तो गहरा सागर,डूबो तो ज़िन्दगी ,
करो तो आसान ,निभाओ तो मुश्किल ,
बिखरे तो सारा जहाँ ,और सिमटे तो ” तुम “

कुछ रिश्तों को कभी भी… नाम ना देना तुम…
इन्हें चलने दो ऐसे ही… इल्ज़ाम ना देना तुम ॥
ऐसे ही रहने दो तुम… तिश्नग़ी हर लफ़्ज़ में…
के अल्फ़ाज़ों को मेरे… अंज़ाम ना देना तुम ॥

मुझसे नफरत करके भी खुश ना रह पाओगे,
मुझसे दूर जाकर भी पास ही पाओगे ,
प्यार में दिमाग पर नहीं दिल पर ऐतबार करके देखिये ,
अपने आप को रोम – रोम में बसा पाएँगे।

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