Love Shayari In Hindi | हिंदी शायरी विडियो | Dard Bhari Love Shayari04:38

  • 0
Published on February 12, 2018

Love Shayari In Hindi | हिंदी शायरी विडियो | Dard Bhari Love Shayari

समस्त सृष्टि का आधार हैं प्रेम

सहज, स्वस्फूर्त, निर्विकार है प्रेम

देता है ह्रदय को अद्भुत प्रेरणा

मन से अंधकार मिटाता है प्रेम

जीवन का अनोखा अहसास है प्रेम

ह्रदय का ह्रदय से , संवाद है प्रेम

जुबाँ हो जाती है, खामोश मगर

नज़रों से बयाँ हो जाता है प्रेम

आकर्षण है इसका प्रथम आधार

सौंन्दर्य से खिंचा चला आता है प्रेम

सौन्दर्य चाहे सूरतका हो या सीरत का

इसमें आकंठ डूब जाता है प्रेम

अंतर की ज्योतिर्मय राह है प्रेम

सतत् निर्झर निर्मल प्रवाह है प्रेम

यह उन्मुक्त होता है, स्वच्छंद नही

दिल की गहराई यों से होता है प्रेम

प्रेम स्वार्थी तो हो नहीं सकता

विवेकपूर्ण होता है, सात्विक प्रेम

चाहता है बस ये प्रेमी का भला

लेनानहीं केवल देना जानता है प्रेम

ईश्वर की स्वाभाविक कृति है प्रेम

आग्रह नहीं करती वह वृति है प्रेम

सारे कष्टों को झेल कर भी

प्रेमी का साथ चाहता है प्रेम

केवल जिद नहीं साधना है प्रेम

मन को सुवासित कर जाता है प्रेम

इंसानियत को नई राहें दिखाता है

जब सर्वजन सुखाय बन जाता है

प्रेम से बोला गया मीठा एक बोल

मानस पटल पर करता किलोल

प्रेम संवाद करते ह्रदय संतुष्ट

मन जाते मीत, जो हो गए रुष्ट

अहम बोध से ऊपर उठना है अनात्म

अनात्म से आत्मा को जोड़ता है प्रेम

संपूर्ण समग्रता से उदित होता जब

व्यक्ति से समष्टि बन जाता है प्रेम

नानक, महावीर, रहीम हो या राम

ईसा, मूसा, गौतम हो या श्याम

कबीर, सूर, तुलसी हो या मीरा

सदियों से ह्रदय से छलक रहा है प्रेम

 

हर दिन वो रच देते हैं

एक कविता

मेरे लिये

हर पल वो बुन देते हैं

एक ताना बाना प्यार का

मेरी चाहत में

हर क्षण वो गुनते हैं

लफ्ज़ों की लड़ियाँ

मेरी तारीफ में

हर वक़्त वो भर लाते हैं

प्रेम का आकाश

अपनी बाँहों में

हर रात करते हैं श्रृंगार

मेरे सपनों का

और मैं मुखर,

जाने क्यों

मौन हो जाती हूँ

कह नहीं पाती

मैं भी प्यार करती हूँ तुम्हें

बहती नदी की तरह

समंदर में समर्पण की

चाह लिये।

Enjoyed this video?
"No Thanks. Please Close This Box!"