Woh Khwaab Tha Bikhar Gaya | Shayari Dosti Love Sad01:27

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Published on January 12, 2018

Title:

Woh Khwaab Tha Bikhar Gaya | Shayari Dosti Love Sad

Lyrics:

है क्या एक दोस्त आज मैं आपको समझाती हूँ,

दोस्ती के वास्तविक अर्थ से मैं, आपको परिचित कराती हूँ,

पड़ी हो भारी भीड़ या कोई विकट आपत्ति,

साथ न हो जब जीवन में, कोई भी साथी संगी;

ऐसी अवस्था में दोस्त आगे बढ़कर आता है,

भरी विपत्ति से भी, अपने दोस्त को आजाद कराता है,

किसी जाति, धर्म या वंश से उसकी पहचान ना होती है,

उस दोस्त की सच्ची दोस्ती ही एक मिशाल होती है।

हर खूनी रिश्ते से ऊपर होता है औहदा जिसका,

गंगा जल के जैसा पवित्र होता है सच्चे दोस्त का रिश्ता,

बहती रहती है सदा जिसकी निर्मल पवित्र धारा,

होता है वो दोस्त जग में सबसे निराला,

पग-पग पर दोस्ती निभाने के लिए मचलता हो दिल जिसका,

होता है वो दोस्त वास्तव में मन का सच्चा,

ऐसा दोस्त मिलना जग में एक मुकाम पाने के समान है,

थाम लो ऐसे दोस्त का हाथ अगर वो आपके साथ है।।

अजीब सी धुन बजा रखी है
जिंदगी ने मेरे कानों में,
कहाँ मिलता है चैन
पत्थर के इन मकानों में।
बहुत कोशिश करते हैं
जो खुद का वजूद बनाने की
हो जाते हैं दूर अपनों से
नजर आते है बेगानों में।

हस्ती नहीं रहती दुनिया में
इक लंबे दौर तक,
आखिर में जगह मिलती है
उन्हें कहीं दूर श्मशानों में।
न कर गम कि
कोई तेरा नहीं,
खुश रहने की राह है
मस्ती के तरानों में

जान ले कि दुनिया
साथ नहीं देती,
कोई दम नहीं होता
इन लोगों के अफसानों में।
क्यों रहता है निराश
अपनी ही कमजोरी से
झोंक दे सब ताकत अपनी
करने को फतह मैदानों में।

आज कल वो हमसे डिजिटल नफरत करते हैं, हमें ऑनलाइन देखते ही ऑफलाइन हो जाते हैं.

बेगाना हमने नहीं किया किसी को जिसका दिल भरता गया वो हमें छोड़ता गया!

मेरी तमाम उलझने सुलझ जाती हैं.. जब तेरी उँगलियाँ.. मेरी उँगलियों में उलझ जाती हैं..

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